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7वें वेतन आयोग में मेरी बेसिक पे मेरे जूनियर से कम है। मैं क्या कर सकता हूँ?

लेखक: एडवोकेट रामनिवास बंसल

मुख्य बात

आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल बार-बार कह चुका है कि पे अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है कि सैनिक की पे सबसे फायदेमंद तरीके से फिक्स की जाए। किसी सैनिक को सिर्फ़ इसलिए अपने कोर्समेट या जूनियर से कम पे नहीं मिलनी चाहिए कि उसने ऑप्शन फॉर्म देर से जमा किया या जमा ही नहीं किया। नवंबर 2025 में ट्रिब्यूनल ने एयर फोर्स के एक कॉर्पोरल की पे दोबारा फिक्स करने और एरियर देने का आदेश दिया, जिन्हें उन्हीं जैसे एक एयरमैन से हर महीने 1,000 रुपये कम मिल रहे थे।

ऐसा क्यों होता है

1 जनवरी 2016 से 7वां वेतन आयोग लागू होने पर, उस समय के आसपास प्रमोट हुए कर्मियों को चुनना था कि उनकी पे कैसे फिक्स की जाए। जिनका ऑप्शन फॉर्म तय तारीख के बाद पहुँचा, उन्हें डिफ़ॉल्ट ऑप्शन पर रख दिया गया। कई मामलों में डिफ़ॉल्ट ऑप्शन की वजह से उन्हें हर महीने उन साथियों से कम पैसे मिलते हैं जो उनके साथ या उनके बाद भर्ती हुए थे।

ट्रिब्यूनल ने क्या फैसला दिया

नवंबर 2025 में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल, प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली ने एयर फोर्स के एक कॉर्पोरल का मामला सुना, जो 2016 में 7th CPC लागू होने के दौरान प्रमोट हुए थे। उनकी बेसिक पे उन्हीं जैसे एक एयरमैन से हर महीने 1,000 रुपये कम थी, सिर्फ़ इसलिए कि उनका ऑप्शन फॉर्म देर से जमा हुआ माना गया था, और उनके रिप्रेजेंटेशन खारिज कर दिए गए थे। ट्रिब्यूनल ने अपने पुराने फैसलों पर भरोसा किया, जिनमें सूबेदार रामजीवन कुमार सिंह बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (2021) भी शामिल है, जिसमें कहा गया था कि 7th CPC में भी पे अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना है कि सैनिक की पे सबसे फायदेमंद तरीके से फिक्स हो। ट्रिब्यूनल ने उनकी पे की समीक्षा करने का आदेश दिया ताकि उन्हें अपने ट्रेड के कोर्समेट या जूनियर से कम पे न मिले, और तीन महीने के अंदर एरियर देने को कहा।

आपकी पे के लिए इसका क्या मतलब है

अपनी पे स्लिप की तुलना उसी ट्रेड और रैंक के किसी कोर्समेट या जूनियर की पे स्लिप से करें। अगर आपको कम मिल रहा है, और वजह देर से या न जमा हुआ ऑप्शन फॉर्म बताई गई है, तो आप एरियर के साथ अपनी पे दोबारा फिक्स करवाने के हकदार हो सकते हैं।

एडवोकेट रामनिवास बंसल आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल, प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली और दिल्ली हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। अपने केस पर सलाह के लिए कॉल करें +91 9810430799 या संपर्क फॉर्म भरें।

यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हर मामला उसके अपने तथ्यों पर निर्भर करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरा रिप्रेजेंटेशन पहले ही खारिज हो चुका है। क्या मैं फिर भी ट्रिब्यूनल जा सकता हूँ?
हाँ। खारिज हुआ रिप्रेजेंटेशन आम तौर पर ट्रिब्यूनल में आवेदन करने का शुरुआती आधार होता है।
क्या केस करने के लिए रिटायर होना ज़रूरी है?
नहीं। सर्विस में मौजूद कर्मी भी नियमित रूप से ऐसे केस दाखिल करते हैं।
कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
आपकी पे स्लिप, अगर मिल सके तो किसी कोर्समेट या जूनियर की पे स्लिप, आपका प्रमोशन ऑर्डर, और आपका रिप्रेजेंटेशन खारिज करने वाला जवाब।

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