उपयोगी फैसले
आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल के ऐसे अहम फैसले जिनसे रक्षा कर्मियों को फायदा होता है, आसान भाषा में समझाए गए ताकि आप अपने अधिकार जान सकें।
क्या 15 साल की सर्विस पूरी होने से पहले डिस्चार्ज होने पर भी पेंशन मिल सकती है?
हो सकता है, हाँ। जिस एयरफोर्स एयरमैन ने अपनी शुरुआती सर्विस अवधि से ज़्यादा सेवा की, और रिज़र्व भंग हो जाने के कारण उसे रिज़र्व में नहीं भेजा जा सका, वह पेंशन रेगुलेशन्स फॉर द एयर फोर्स, 1961 (पार्ट I) के रेगुलेशन 144 के तहत स्पेशल पेंशन का हकदार हो सकता है, भले ही सर्विस पेंशन के लिए ज़रूरी 15 साल पूरे न हुए हों। जुलाई 2026 में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल ने इसी आधार पर 1965 और 1971 की लड़ाइयों के एक पूर्व सैनिक को स्पेशल पेंशन दी, जिन्हें 1973 में डिस्चार्ज किया गया था।
पूरा पढ़ें →क्या सर्विस छोड़ने के बाद भी डिसेबिलिटी पेंशन का दावा सफल हो सकता है?
हाँ। जब पोस्ट डिस्चार्ज मेडिकल बोर्ड यह मानता है कि डिसेबिलिटी सर्विस के कारण बढ़ी (aggravated) है और उसे जीवन भर के लिए 20% या उससे ज़्यादा आंकता है, तो अधिकारी सिर्फ़ मेडिकल बोर्ड से असहमत होकर दावा खारिज नहीं कर सकते। मई 2026 में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल ने कहा कि किसी मेडिकल राय को सिर्फ़ उससे ज़्यादा सक्षम मेडिकल राय से ही काटा जा सकता है, और 30% से ब्रॉड बैंड करके 50% डिसेबिलिटी पेंशन दी।
पूरा पढ़ें →7वें वेतन आयोग में मेरी बेसिक पे मेरे जूनियर से कम है। मैं क्या कर सकता हूँ?
आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल बार-बार कह चुका है कि पे अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है कि सैनिक की पे सबसे फायदेमंद तरीके से फिक्स की जाए। किसी सैनिक को सिर्फ़ इसलिए अपने कोर्समेट या जूनियर से कम पे नहीं मिलनी चाहिए कि उसने ऑप्शन फॉर्म देर से जमा किया या जमा ही नहीं किया। नवंबर 2025 में ट्रिब्यूनल ने एयर फोर्स के एक कॉर्पोरल की पे दोबारा फिक्स करने और एरियर देने का आदेश दिया, जिन्हें उन्हीं जैसे एक एयरमैन से हर महीने 1,000 रुपये कम मिल रहे थे।
पूरा पढ़ें →मेरा प्रमोशन 2006 से 2008 के बीच हुआ था। क्या मेरी पे सही फिक्स हुई थी?
6th CPC लागू होने के दौरान, यानी 1 जनवरी 2006 से अक्टूबर 2008 के बीच, प्रमोट हुए जिन कर्मियों की पे समय पर ऑप्शन न देने के कारण कम फायदेमंद ऑप्शन पर फिक्स हुई, वे अपनी पे सबसे फायदेमंद ऑप्शन पर दोबारा फिक्स करवाने के हकदार हैं। मई 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट ने इस स्थिति को सही ठहराया।
पूरा पढ़ें →मुझे जल्दी इनवैलिड आउट कर दिया गया और सिर्फ़ ग्रेच्युटी मिली। क्या मैं इनवैलिड पेंशन का हकदार हूँ?
हो सकता है, हाँ। सितंबर 2025 में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल ने कहा कि शुरुआती सर्विस अवधि पूरी होने से पहले इनवैलिड आउट किया गया एक एयरमैन इनवैलिड पेंशन का हकदार है, और यह फायदा सिर्फ़ 4 जनवरी 2019 या उसके बाद सर्विस में रहे लोगों तक सीमित करने वाली कट-ऑफ तारीख के आधार पर इसे रोका नहीं जा सकता।
पूरा पढ़ें →डेडलाइन छूटने के कारण MACP के बाद मेरी पे डिफ़ॉल्ट ऑप्शन पर फिक्स हो गई। क्या यह ठीक हो सकती है?
हाँ। फरवरी 2026 में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल ने कहा कि MACP पर पे ऑप्शन देने की डेडलाइन छूट जाने का मतलब यह नहीं कि अधिकारी सैनिक को उसके जैसे साथियों से कम फायदेमंद पे पर छोड़ दें, और एरियर के साथ पे दोबारा फिक्स करने का आदेश दिया।
पूरा पढ़ें →क्या सीधे मेडिकल सबूत के बिना भी सैनिक को डिसेबिलिटी पेंशन मिल सकती है?
हाँ। AFT लगातार कहता आया है कि जब सर्विस के दौरान या उसके बाद कोई डिसेबिलिटी पाई जाती है, तो संदेह का लाभ (benefit of doubt) सैनिक को मिलना चाहिए। पेंशन अधिकारी सिर्फ़ इसलिए डिसेबिलिटी पेंशन का दावा खारिज नहीं कर सकते कि डिसेबिलिटी को किसी खास सर्विस घटना से जोड़ने वाला सीधा मेडिकल दस्तावेज़ नहीं है। अगर रिलीज़ के समय डिसेबिलिटी मौजूद थी, तो अनुमान सैनिक के पक्ष में होता है।
पूरा पढ़ें →क्या तकनीकी आधार पर विधवा को फैमिली पेंशन से इनकार किया जा सकता है?
नहीं। आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल ने कहा है कि फैमिली पेंशन एक अधिकार है, कोई खैरात नहीं, और इसे विधवा या आश्रित परिवार के सदस्य से सिर्फ़ तकनीकी कारणों पर नहीं छीना जा सकता, जैसे आवेदन में देरी, कोई दस्तावेज़ न होना, या अधिकारियों की ओर से प्रक्रिया में चूक। फैमिली पेंशन के मामलों में ट्रिब्यूनल सहानुभूति और उदारता से विचार करता है।
पूरा पढ़ें →अगर मैंने एक साल की समय सीमा के बाद केस दाखिल किया, तो क्या AFT उसे खारिज कर देगा?
ज़रूरी नहीं। AFT देरी माफ़ करने में उदार रुख अपनाता है, क्योंकि सैन्य कर्मियों को अक्सर असली कठिनाइयाँ होती हैं, जैसे दूर-दराज़ की पोस्टिंग, कानूनी जानकारी की कमी, रिप्रेजेंटेशन के ज़रिए मामला आगे बढ़ाना, या स्वास्थ्य की समस्याएँ। जहाँ देरी की संतोषजनक वजह बताई गई हो और किसी तीसरे पक्ष के अधिकार प्रभावित न हों, वहाँ ट्रिब्यूनल आम तौर पर देरी माफ़ करके मामले को उसके गुण-दोष पर सुनता है।
पूरा पढ़ें →क्या सैनिक को मेडिकल बोर्ड के आकलन से ज़्यादा डिसेबिलिटी प्रतिशत मिल सकता है?
हाँ। जब मेडिकल बोर्ड का आकलन अपर्याप्त, मनमाना, या लागू दिशानिर्देशों के अनुसार नहीं पाया जाता, तो आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल नियमित रूप से ब्रॉड बैंडिंग का आदेश देता है, यानी डिसेबिलिटी को निचले प्रतिशत स्लैब से ऊँचे स्लैब में रखना। इससे डिसेबिलिटी पेंशन की रकम सीधे बढ़ जाती है।
पूरा पढ़ें →अगर अधिकारी AFT के आदेश का पालन न करें, तो क्या किया जा सकता है?
आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल के पास अपने आदेशों का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अवमानना (contempt) की कार्यवाही शुरू करने का अधिकार है। अगर डिसेबिलिटी पेंशन, फैमिली पेंशन, एरियर या कोई अन्य राहत देने वाला AFT का आदेश तय समय में लागू नहीं होता, तो पालन करवाने के लिए अवमानना की अर्ज़ी दाखिल की जा सकती है।
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