AFT और दिल्ली हाई कोर्ट में सर्विस और पेंशन के मामले
एडवोकेट रामनिवास बंसल आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल, प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली और दिल्ली हाई कोर्ट में डिसेबिलिटी और इनवैलिड पेंशन, फैमिली पेंशन, पे फिक्सेशन, सर्विस से जुड़े हक और देरी की माफ़ी के मामले देखते हैं। आर्मी, नेवी और एयर फोर्स के सेवारत कर्मी, पूर्व सैनिक और उनके परिवार।
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सेवाएँ
डिसेबिलिटी पेंशन और इनवैलिड पेंशन के मामले
डिसेबिलिटी पेंशन से इनकार या दावा खारिज होने, मेडिकल बोर्ड विवाद, attributability और aggravation के सवाल, ब्रॉड बैंडिंग और एरियर से जुड़े मामलों में सहायता।
पूरा पढ़ें →फैमिली पेंशन और उससे जुड़े लाभ
सैन्य कर्मियों की विधवाओं और परिवारों के लिए सहायता, जहाँ फैमिली पेंशन या उससे जुड़े लाभ से इनकार किया गया या वे सही तरह से प्रोसेस नहीं हुए।
पूरा पढ़ें →सर्विस से जुड़े हक और रिप्रेजेंटेशन की पैरवी
अगर आपने रिप्रेजेंटेशन दिए हैं और जवाब नहीं मिल रहा, या आपके मामले को व्यवस्थित पैरवी की ज़रूरत है, तो उसे सही रास्ते पर लाने में सहायता।
पूरा पढ़ें →पे फिक्सेशन और पे विसंगति के मामले (6th और 7th CPC, MACP)
उन सेवारत और रिटायर्ड कर्मियों के लिए जिन्हें 6th या 7th CPC में, या प्रमोशन या MACP पर गलत पे फिक्सेशन के कारण अपने कोर्समेट या जूनियर से कम पे या पेंशन मिल रही है।
पूरा पढ़ें →देरी की माफ़ी (डिले कंडोनेशन) और प्रक्रिया से जुड़ी अर्ज़ियाँ
आपके मामले के तथ्यों के अनुसार आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल में देरी माफ़ी और प्रक्रिया से जुड़ी दूसरी अर्ज़ियाँ तैयार करने में सहायता।
पूरा पढ़ें →हाल के उपयोगी फैसले
सभी फैसले देखें →क्या 15 साल की सर्विस पूरी होने से पहले डिस्चार्ज होने पर भी पेंशन मिल सकती है?
हो सकता है, हाँ। जिस एयरफोर्स एयरमैन ने अपनी शुरुआती सर्विस अवधि से ज़्यादा सेवा की, और रिज़र्व भंग हो जाने के कारण उसे रिज़र्व में नहीं भेजा जा सका, वह पेंशन रेगुलेशन्स फॉर द एयर फोर्स, 1961 (पार्ट I) के रेगुलेशन 144 के तहत स्पेशल पेंशन का हकदार हो सकता है, भले ही सर्विस पेंशन के लिए ज़रूरी 15 साल पूरे न हुए हों। जुलाई 2026 में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल ने इसी आधार पर 1965 और 1971 की लड़ाइयों के एक पूर्व सैनिक को स्पेशल पेंशन दी, जिन्हें 1973 में डिस्चार्ज किया गया था।
क्या सर्विस छोड़ने के बाद भी डिसेबिलिटी पेंशन का दावा सफल हो सकता है?
हाँ। जब पोस्ट डिस्चार्ज मेडिकल बोर्ड यह मानता है कि डिसेबिलिटी सर्विस के कारण बढ़ी (aggravated) है और उसे जीवन भर के लिए 20% या उससे ज़्यादा आंकता है, तो अधिकारी सिर्फ़ मेडिकल बोर्ड से असहमत होकर दावा खारिज नहीं कर सकते। मई 2026 में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल ने कहा कि किसी मेडिकल राय को सिर्फ़ उससे ज़्यादा सक्षम मेडिकल राय से ही काटा जा सकता है, और 30% से ब्रॉड बैंड करके 50% डिसेबिलिटी पेंशन दी।
7वें वेतन आयोग में मेरी बेसिक पे मेरे जूनियर से कम है। मैं क्या कर सकता हूँ?
आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल बार-बार कह चुका है कि पे अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है कि सैनिक की पे सबसे फायदेमंद तरीके से फिक्स की जाए। किसी सैनिक को सिर्फ़ इसलिए अपने कोर्समेट या जूनियर से कम पे नहीं मिलनी चाहिए कि उसने ऑप्शन फॉर्म देर से जमा किया या जमा ही नहीं किया। नवंबर 2025 में ट्रिब्यूनल ने एयर फोर्स के एक कॉर्पोरल की पे दोबारा फिक्स करने और एरियर देने का आदेश दिया, जिन्हें उन्हीं जैसे एक एयरमैन से हर महीने 1,000 रुपये कम मिल रहे थे।
मेरा प्रमोशन 2006 से 2008 के बीच हुआ था। क्या मेरी पे सही फिक्स हुई थी?
6th CPC लागू होने के दौरान, यानी 1 जनवरी 2006 से अक्टूबर 2008 के बीच, प्रमोट हुए जिन कर्मियों की पे समय पर ऑप्शन न देने के कारण कम फायदेमंद ऑप्शन पर फिक्स हुई, वे अपनी पे सबसे फायदेमंद ऑप्शन पर दोबारा फिक्स करवाने के हकदार हैं। मई 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट ने इस स्थिति को सही ठहराया।
मुझे जल्दी इनवैलिड आउट कर दिया गया और सिर्फ़ ग्रेच्युटी मिली। क्या मैं इनवैलिड पेंशन का हकदार हूँ?
हो सकता है, हाँ। सितंबर 2025 में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल ने कहा कि शुरुआती सर्विस अवधि पूरी होने से पहले इनवैलिड आउट किया गया एक एयरमैन इनवैलिड पेंशन का हकदार है, और यह फायदा सिर्फ़ 4 जनवरी 2019 या उसके बाद सर्विस में रहे लोगों तक सीमित करने वाली कट-ऑफ तारीख के आधार पर इसे रोका नहीं जा सकता।
डेडलाइन छूटने के कारण MACP के बाद मेरी पे डिफ़ॉल्ट ऑप्शन पर फिक्स हो गई। क्या यह ठीक हो सकती है?
हाँ। फरवरी 2026 में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल ने कहा कि MACP पर पे ऑप्शन देने की डेडलाइन छूट जाने का मतलब यह नहीं कि अधिकारी सैनिक को उसके जैसे साथियों से कम फायदेमंद पे पर छोड़ दें, और एरियर के साथ पे दोबारा फिक्स करने का आदेश दिया।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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पहली सलाह के लिए क्या लाना चाहिए?
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