डिसेबिलिटी पेंशन और इनवैलिड पेंशन के मामले
डिसेबिलिटी पेंशन के दावे सेवारत और रिटायर्ड कर्मियों के सबसे आम, और सबसे परेशान करने वाले मामलों में से हैं। चाहे आपकी पेंशन सीधे खारिज हो गई हो, डिसेबिलिटी प्रतिशत बहुत कम आंका गया हो, या आदेश के बावजूद एरियर न मिला हो, ऐसे मामलों में ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत होती है जो कागज़ात, मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया और AFT की प्रक्रिया अच्छी तरह जानता हो। एडवोकेट बंसल आपके कागज़ात की जांच करते हैं, केस का रिकॉर्ड तैयार करते हैं, AFT में केस तैयार करके दाखिल करते हैं, और आदेश के पालन तक पैरवी करते हैं।
यह किनके लिए है
- सैन्य कर्मी जिनकी डिसेबिलिटी पेंशन से इनकार किया गया या दावा खारिज हुआ
- पूर्व सैनिक जिनका डिसेबिलिटी प्रतिशत या ब्रॉड बैंडिंग को लेकर विवाद है
- कर्मी जिनके मामले में सवाल है कि डिसेबिलिटी सर्विस के कारण हुई या सर्विस से बढ़ी
- वे लोग जिन्हें अनुकूल आदेश के बावजूद एरियर का इंतज़ार है
- मेडिकल बोर्ड के ज़रिए सर्विस से बाहर किए गए कर्मी जो इनवैलिड पेंशन चाहते हैं
आम स्थितियाँ
- पेंशन अधिकारियों द्वारा डिसेबिलिटी पेंशन से इनकार या दावा खारिज करना
- रिलीज़ मेडिकल बोर्ड (RMB) या इनवैलिडमेंट मेडिकल बोर्ड (IMB) द्वारा डिसेबिलिटी को कम प्रतिशत पर आंकना
- इस पर विवाद कि डिसेबिलिटी सैन्य सेवा के कारण हुई या उससे बढ़ी
- डिसेबिलिटी को निचले से ऊँचे स्लैब में ब्रॉड बैंड करवाना
- AFT या कोर्ट के आदेश के बावजूद एरियर का भुगतान न होना
- डिसेबिलिटी की श्रेणी दोबारा तय करवाना
- मेडिकल बोर्ड की कार्यवाही के बाद इनवैलिड पेंशन के मामले
हम कैसे मदद करते हैं
- 1.दावे का आकलन करने के लिए आपकी डिस्चार्ज बुक, PPO और मेडिकल बोर्ड के कागज़ात की जांच
- 2.रिकॉर्ड की कमियाँ पहचानना और केस मज़बूत करने की सलाह देना
- 3.आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल में ओरिजिनल एप्लीकेशन (OA) तैयार करके दाखिल करना
- 4.AFT की सुनवाई में आपका प्रतिनिधित्व करना और आदेश तक पैरवी करना
- 5.पालन तक पीछा करना, ताकि अधिकारी सच में आदेश लागू करें
- 6.आदेश का पालन न होने पर अवमानना या एग्ज़ीक्यूशन की अर्ज़ी दाखिल करना
ज़रूरी कागज़ात
- डिस्चार्ज बुक या सर्विस रिकॉर्ड
- पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO)
- रिलीज़ मेडिकल बोर्ड (RMB) या इनवैलिडमेंट मेडिकल बोर्ड (IMB) की कार्यवाही
- डिसेबिलिटी आकलन की रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेज़
- पेंशन अधिकारियों का रिजेक्शन लेटर
- पहले दिए गए रिप्रेजेंटेशन
- रिकॉर्ड ऑफिस या PCDA से पत्र-व्यवहार
- पहले के AFT या कोर्ट के आदेश (अगर हों)
आम तौर पर लगने वाला समय
AFT आम तौर पर सामान्य अदालतों से तेज़ है। डिसेबिलिटी पेंशन के कई मामले केस दाखिल होने के छह से बारह महीने के अंदर सुनकर तय हो जाते हैं। ज़रूरी मामलों को प्राथमिकता पर लगवाया जा सकता है। आदेश के पालन में कुछ और समय लग सकता है, और ज़रूरत हो तो आगे की अर्ज़ी दाखिल की जा सकती है।
नोट: समय सीमा अनुमान है और हर मामले की परिस्थितियों, अदालत के कार्यक्रम और केस की जटिलता पर निर्भर करती है।
सलाह के तरीके
- द्वारका चैंबर में आमने-सामने मुलाकात और कागज़ात की जांच
- फ़ोन या वीडियो कॉल, खास तौर पर बाहर रहने वाले कर्मियों के लिए
- शुरुआती आकलन के लिए WhatsApp या ईमेल पर कागज़ात भेजें
आगे के कदम
- 1अपनी डिस्चार्ज बुक, PPO, मेडिकल बोर्ड के कागज़ात और रिजेक्शन लेटर इकट्ठा करें
- 2फ़ोन, WhatsApp या संपर्क फॉर्म से एडवोकेट बंसल से संपर्क करें
- 3आपके कागज़ात की जांच के बाद आपको केस का साफ़ आकलन बताया जाएगा
- 4अगर आप आगे बढ़ना चाहें, तो AFT में OA तैयार करके दाखिल की जाती है
- 5सुनवाई, बहस और आदेश के पालन तक पूरा काम संभाला जाता है