फैमिली पेंशन और उससे जुड़े लाभ
सशस्त्र सेनाओं में सेवा दे चुके परिवार के सदस्य को खोना अपने आप में बहुत कठिन है, ऊपर से उन लाभों के लिए लड़ना पड़े जो हक से मिलने चाहिए। दुर्भाग्य से, कई विधवाओं और आश्रितों को खारिज दावों, अधूरे कागज़ात, या जवाब न देने वाले अधिकारियों का सामना करना पड़ता है। एडवोकेट बंसल सैन्य कर्मियों के परिवारों को फैमिली पेंशन और उससे जुड़े लाभ दिलाने में मदद करते हैं, जहाँ इनसे गलत तरीके से इनकार किया गया या समय पर प्रोसेस नहीं हुए।
यह किनके लिए है
- सैन्य कर्मियों की विधवाएँ जिनकी फैमिली पेंशन से इनकार किया गया
- आश्रित परिवार के सदस्य जो पेंशन या उससे जुड़े लाभ के पात्र हैं
- परिवार जिनकी पेंशन मंज़ूर हुई लेकिन भुगतान नहीं हुआ या सही प्रोसेस नहीं हुई
- सर्विस के दौरान या रिटायरमेंट के बाद सैन्य कर्मी की मृत्यु के बाद लाभ मांगने वाले निकटतम परिजन
आम स्थितियाँ
- फैमिली पेंशन के आवेदन से इनकार या उसे खारिज करना
- सैन्य कर्मी की मृत्यु के बाद फैमिली पेंशन प्रोसेस होने में देरी
- फैमिली पेंशन की पात्रता या श्रेणी पर विवाद
- फैमिली पेंशन का भुगतान न होना या गलत गणना
- पात्र आश्रितों को लाभ न मिलना
- लिबरलाइज़्ड फैमिली पेंशन या स्पेशल फैमिली पेंशन से जुड़ी समस्याएँ
हम कैसे मदद करते हैं
- 1.सैन्य कर्मी के रिकॉर्ड और परिवार के दावे के कागज़ात की जांच
- 2.सही हक और लागू नियमों की पहचान
- 3.ज़रूरत हो तो आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल में केस तैयार करके दाखिल करना
- 4.AFT की सुनवाई में परिवार का प्रतिनिधित्व
- 5.पेंशन मंज़ूर होकर भुगतान शुरू होने तक पालन का पीछा करना
ज़रूरी कागज़ात
- सैन्य कर्मी का मृत्यु प्रमाण पत्र
- डिस्चार्ज बुक या सर्विस रिकॉर्ड
- दिवंगत का पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO), अगर उपलब्ध हो
- पेंशन अधिकारियों का रिजेक्शन लेटर
- विवाह प्रमाण पत्र और रिश्ते का सबूत
- पहले दिए गए रिप्रेजेंटेशन
- रिकॉर्ड ऑफिस या PCDA से पत्र-व्यवहार
आम तौर पर लगने वाला समय
AFT में फैमिली पेंशन के मामले आम तौर पर छह से बारह महीने में सुने जाते हैं। जहाँ तथ्य साफ़ हों और इनकार साफ़ तौर पर गलत हो, वहाँ समय कम लग सकता है। आदेश के पालन का पीछा ज़रूरत के अनुसार किया जाता है।
नोट: समय सीमा अनुमान है और हर मामले की परिस्थितियों, अदालत के कार्यक्रम और केस की जटिलता पर निर्भर करती है।
सलाह के तरीके
- द्वारका चैंबर में आमने-सामने सलाह
- बाहर रहने वाले परिवारों के लिए फ़ोन या वीडियो कॉल
- शुरुआती जांच के लिए WhatsApp या ईमेल पर कागज़ात भेजें
आगे के कदम
- 1दिवंगत सैन्य कर्मी के रिकॉर्ड और रिजेक्शन लेटर इकट्ठा करें
- 2कागज़ात की जांच के लिए एडवोकेट बंसल से संपर्क करें
- 3आकलन के बाद आपको आपका हक और सही रास्ता पता चलेगा
- 4अगर AFT में केस की ज़रूरत हो, तो आवेदन तैयार करके दाखिल किया जाता है
- 5पेंशन मंज़ूर होने तक मामले का पीछा किया जाता है