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क्या सैनिक को मेडिकल बोर्ड के आकलन से ज़्यादा डिसेबिलिटी प्रतिशत मिल सकता है?

लेखक: एडवोकेट रामनिवास बंसल

मुख्य बात

हाँ। जब मेडिकल बोर्ड का आकलन अपर्याप्त, मनमाना, या लागू दिशानिर्देशों के अनुसार नहीं पाया जाता, तो आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल नियमित रूप से ब्रॉड बैंडिंग का आदेश देता है, यानी डिसेबिलिटी को निचले प्रतिशत स्लैब से ऊँचे स्लैब में रखना। इससे डिसेबिलिटी पेंशन की रकम सीधे बढ़ जाती है।

ब्रॉड बैंडिंग क्या है?

ब्रॉड बैंडिंग का मतलब है डिसेबिलिटी को एक प्रतिशत स्लैब से ऊँचे स्लैब में रखना। डिसेबिलिटी पेंशन मेडिकल बोर्ड द्वारा आंके गए प्रतिशत के आधार पर तय होती है, जैसे 20%, 50% या 75%। अगर आंका गया प्रतिशत डिसेबिलिटी की असली गंभीरता के हिसाब से बहुत कम है, तो ट्रिब्यूनल उसका दोबारा आकलन करने या उसे ऊँचे स्लैब में रखने का आदेश दे सकता है। इसका सीधा असर हर महीने की पेंशन पर पड़ता है।

मेडिकल बोर्ड के आकलन को अक्सर चुनौती क्यों दी जाती है

AFT में मेडिकल बोर्ड के आकलन को अक्सर इन कारणों से चुनौती दी जाती है: (1) बोर्ड के पास पूरे मेडिकल रिकॉर्ड नहीं थे, (2) आकलन डिसेबिलिटी पेंशन से जुड़ी मैनुअल में दिए दिशानिर्देशों के अनुसार नहीं था, (3) बोर्ड ने बीमारी की गंभीरता को कम आंका, (4) आकलन में सैनिक की असल शारीरिक सीमाएँ नहीं झलकतीं, या (5) बोर्ड ने उस तरह की डिसेबिलिटी के लिए गलत मानदंड लागू किए। ट्रिब्यूनल मेडिकल सबूतों और लागू दिशानिर्देशों की जांच करके सही आकलन तय करता है।

ट्रिब्यूनल कैसे फैसला करता है

AFT मेडिकल सबूतों, लागू दिशानिर्देशों (जैसे डिसेबिलिटी के आकलन के लिए गाइड टू मेडिकल ऑफिसर्स), और डिसेबिलिटी के असल असर पर विचार करता है। कई मामलों में ट्रिब्यूनल पाता है कि मेडिकल बोर्ड ने बिना उचित कारण के निचला स्लैब लगाया, और दोबारा आकलन का या सीधे सही ऊँचे स्लैब में रखने का आदेश देता है। ट्रिब्यूनल उस तारीख से एरियर देने का आदेश भी दे सकता है जब डिसेबिलिटी का पहली बार आकलन हुआ था।

आपकी पेंशन के लिए इसका क्या मतलब है

निचले से ऊँचे स्लैब में ब्रॉड बैंडिंग से आपकी हर महीने की डिसेबिलिटी पेंशन काफ़ी बढ़ सकती है। जैसे, 20% से 50% या 50% से 75% होने पर पेंशन की रकम काफ़ी ज़्यादा हो जाती है। अगर आपको लगता है कि आपकी डिसेबिलिटी कम आंकी गई है, तो अपना मामला जंचवाना फायदेमंद है। ट्रिब्यूनल बड़ी संख्या में मामलों में ब्रॉड बैंडिंग दे चुका है, और एरियर की रकम काफ़ी हो सकती है।

एडवोकेट रामनिवास बंसल आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल, प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली और दिल्ली हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। अपने केस पर सलाह के लिए कॉल करें +91 9810430799 या संपर्क फॉर्म भरें।

यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हर मामला उसके अपने तथ्यों पर निर्भर करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरी डिसेबिलिटी 20% आंकी गई लेकिन मेरी हालत गंभीर है। क्या इसे बढ़ाया जा सकता है?
हाँ। अगर मेडिकल बोर्ड का आकलन आपकी डिसेबिलिटी की असली गंभीरता नहीं दर्शाता, तो AFT ऊँचे प्रतिशत स्लैब में ब्रॉड बैंडिंग का आदेश दे सकता है। आपको दिखाना होगा कि आकलन अपर्याप्त था या लागू दिशानिर्देशों के अनुसार नहीं था।
अगर AFT मेरा डिसेबिलिटी प्रतिशत बढ़ाता है, तो क्या मुझे एरियर मिलेगा?
ज़्यादातर मामलों में, हाँ। जब ट्रिब्यूनल ब्रॉड बैंडिंग का आदेश देता है, तो आम तौर पर एरियर देने का आदेश भी देता है, यानी डिसेबिलिटी के पहले आकलन की तारीख से पेंशन का अंतर। एरियर एक बड़ी एकमुश्त रकम हो सकती है।
AFT जिस गाइड टू मेडिकल ऑफिसर्स का इस्तेमाल करता है, वह क्या है?
गाइड टू मेडिकल ऑफिसर्स (GMO) सशस्त्र सेनाओं में डिसेबिलिटी के आकलन की आधिकारिक मैनुअल है। इसमें अलग-अलग बीमारियों के लिए डिसेबिलिटी प्रतिशत तय करने के दिशानिर्देश हैं। AFT अक्सर इसी गाइड के आधार पर जांचता है कि मेडिकल बोर्ड ने सही मानदंड लागू किए या नहीं।

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